अतिक्रमण के कारण हो रहा है जगम्मनपुर बाजार का पतन दिन के 12 घंटे में लगता है 24 बार जाम

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – नरेन्द्र सिंघानिया

रामपुरा जगम्मनपुर / जालौन

ग्रामीण दुकानदारों की नासमझी एवं प्रतिस्पर्धात्मक अतिक्रमण के कारण व प्रशासन की दृढ़इच्छा शक्ति के अभाव में जगम्मनपुर बाजार का निरंतर पतन होता जा रहा है ।

जनपद जालौन का लगभग 400 वर्ष पुराना जगम्मनपुर बाजार जो वर्ष 1975-80 तक बड़े बाजारों में शुमार होता था नई पीढ़ी के दुकानदारों की नासमझी एवं प्रतिस्पर्धात्मक अतिक्रमण के कारण निरंतर नष्ट होता जा रहा है । ज्ञात हो विक्रमी संबत 1672 में बसंत पंचमी गुरुवार के दिन जगम्मनपुर राज्य के महाराजा जगम्मनदेव ने जगम्मनपुर गांव का बाजार का उद्घाटन किया था उस समय इटावा औरैया तथा भिण्ड क्षेत्र व जगम्मनपुर के आसपास के लगभग 50 – 60 गांव के निवासी अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए यहां आया करते थे । कालांतर में आवश्यकता को देखते हुए यहां पर सप्ताह में दो दिन गुरुवार व रविवार को साप्ताहिक हाट लगने लगी ।उन दिनों जगम्मनपुर बाजार का वैभव रौनक देखते ही बनती थी । बड़े-बड़े व्यापारी आते थे। विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की मंडियां सजती थी । खेल तमाशे वाले भी आते थे । उस समय के परिवहन का साधन ऊंट एवं बैल गाड़ियों की भरमार रहती थी । यह सिलसिला 1980 तक चला । अंग्रेजों से देश आजाद हो चुका था लोग स्वतंत्रता की नई परिभाषा स्वच्छंदता निरंकुशता के रूप में गढने लगे । गांव के विकास एवं बाजार का सम्मान रखने वाले व्यापारी बुजुर्ग होकर गौलोक वासी होते गए । स्थानीय राजा का दबदबा कम होता गया । बाजार की कमान युवा हाथों में आ गई और उन्होंने समाज का सम्मान त्याग कर अपनी-अपनी दुकानों के सामने आम रास्तों पर अतिक्रमण करना प्रारंभ कर दिया और आमने- सामने ,अगल – बगल के दुकानदार से स्पर्धात्मक अतिक्रमण प्रारंभ कर दिया परिणाम स्वरूप 50 – 55 फुट चौड़ा रास्ता 15 -17 फुट में बदल गया । समय बदलता गया लोकतांत्रिक सरकारों के द्वारा विकास हुआ नदियों पर पुल बने, सड़कें बनी ,वाहनों की भरमार हुई और जगम्मनपुर बाजार में ऊंट,बैलगाडियों का स्थान चार पहिया कार ट्रैक्टर मोटरसाइकिल डंपर ट्रक आदि वाहनों ने ले लिया । वाहनों की आमद दरफ्त बढ़ गई परिणाम स्वरूप चौड़े रास्ते से संकरे रास्ते में परिवर्तित हुए जगम्मनपुर बाजार में दिन के 12 घंटे में प्रति आधा घंटे में जाम लग जाता है परिणाम यह है कि वाहन चालक, दुकानदार ,आम नागरिक पूरे दिन हलकान रहते हैं । बाजार में वाहन खड़े हो पाने की जगह ना होने के कारण लोगों ने आसपास के नए बाजारों में खरीद फरोख्त का काम शुरू कर दिया और जगम्मनपुर बाजार का क्रमशः पतन होना प्रारंभ हो गया ।
उक्त संदर्भ में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों , उप जिलाधिकारी माधौगढ़, जिला अधिकारी जालौन को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया लेकिन अज्ञात कारणों से कहीं किसी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया यदि समय रहते जगम्मनपुर बाजार का अतिक्रमण ना हटवाया गया और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो भविष्य में स्थिति बद से बदतर हो जाएगी।

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