प्रियंका ने बढ़ाया बनारस कांग्रेस का मान, वरिष्ठ नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़/अशोक केशरी

वाराणसी।भारतीय राजनीति में उत्तर प्रदेश का योगदान हमेशा से विशिष्ट रहा है। उत्तर प्रदेश ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं। जब से कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा को उत्तर प्रदेश का प्रभार मिला है तब से सब कुछ बदला-बदला सा नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश में घटी पिछली कई घटनाओं में महासचिव प्रियंका वाड्रा का सीधा हस्तक्षेप इस बात का प्रबल प्रमाण है कि अब उत्तर प्रदेश में संघर्ष को ही प्राथमिकता दी जाएगी। आज इसकी मुहर भी लग गई। इसमें बनारस कांग्रेस को जिम्मेदारी देकर उन्होंने मान बढ़ाया है। कांग्रेस आला कमान ने अजय राय को उत्तर प्रदेश कांगे्रस समिति के महासचिव की सलाहकार समिति में स्थान दिया है। वहीं काशी के पूर्व सांसद डा.राजेश मिश्रा को भी सलाहकार समिति में सदस्य नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी में पूर्व विधायक अजय राय, पूर्व सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा व पूर्व सांसद ललितेशपति त्रिपाठी का कद बढ़ते हुए पार्टी को सशक्त करने के लिए अहम जिम्मा दिया है।पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि यह संघर्ष का सम्मान है। हम सब कांग्रेसजन अपने केंद्रीय नेतृत्व के इस निर्णय का हर्षित भाव से स्वागत करते हैं। विधायक अजय राय ने कहा कि हमें खुशी है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने महासचिव प्रियंका वाड्रा के निर्णय पर मुहर लगाते हुए अजय कुमार लल्लू जी को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत किया है। हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारे नवनियुक्त अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू जी की संघर्ष क्षमता, उनकी साफग़ोई, उनका सहज एवं सरल व्यक्तित्व, गांव, किसान, गरीब, स्त्री जीवन, आदिवासी तथा दलित एवं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रति उनके सौम्य व्यक्तित्व का पूरा लाभ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को मिलेगा।वस्तुत: पिछले कुछ वर्षों से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जुड़ाव आम जनता से नहीं हो पाने की वजह से उत्तर प्रदेश की जनता में कांग्रेस के प्रति एक नकारात्मक भाव उत्पन्न हो गया जिसका लाभ विपक्षी दलों ने उठाया व जिसका प्रभाव पिछले लोक सभा एवं विधानसभा चुनावों में देखने को मिला। नव नियुक्त अध्यक्ष विधायक अजय कुमार लल्लू के इस चयन से उत्तर प्रदेश कांग्रेस में एक नई ऊर्जा का संचरण होगा।अत: ऐसे विकट समय में आज कांग्रेस को जरूरत एक ऐसे कर्मठ, संघर्षशील अगुआ की थी जो उत्तर प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक ताने-बाने को समझ सके तथा यहां कि आम जनता ( स्त्री सम्मान, दलित, आदिवासी, मजदूर, किसान, अल्पसंख्यक तथा शिक्षित बेरोजगार वर्ग ) के हितों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ खड़ा रह सके तथा उनके हितों की रक्षा हेतु पूरी दृढ़ता दिखा सके।

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