कोरोना वैक्सीन के प्रयोग के लिए राजस्थान के इस पुलिसकर्मी ने शरीर दान की जताई इच्छा

व्यापक स्तर पर मनाया गया संविधान दिवस न्यायालय परिसर स्थित बार रूम में हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम 

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ / राजस्थान

संविधान दिवस मंगलवार को जिले भर में व्यापक स्तर पर मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम न्यायालय परिसर स्थित बार रूम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बार संघ, प्रशासन व पुलिस की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। जिसमें संविधान के महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला एवं सेशन न्यायाधीश एव अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ज्ञानप्रकाश गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर जाकिर हुसैन, विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक श्रीमती राशि डोगरा थी। इस कार्यक्रम में एनडीपीएस जज विरेन्द्र कुमार जसूजा, पोक्सो जज मशरूर आलम खान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री आशा चौधरी, एमजेएम श्रीमती अनुभूति मिश्रा, ग्राम न्यायाधिकारी सुश्री सुमन चौधरी, सीएमएचओ अरूण कुमार,सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई, एडीईओ रणवीर शर्मा, बार संघ अध्यक्ष जितेन्द्र सारस्वत व अधिवक्तागण उपस्थित थे। मंच संचालन अधिवक्ता रमेश मोदी द्वारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश गुप्ता ने संविधान के विभिन्न प्रावधानों को विस्तृत रूप से बताया। संविधान अंगीकृत करने के बावजूद देरी से क्यों लागू हुआ, इसका कारण बताया और प्रत्येक नागरिक द्वारा मौलिक कर्तव्यों की पालना किये जाने के लिए आह्वान किया। उन्होंने संविधान के प्रावधानों की पालना करने की सभी को शपथ दिलाई। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने वर्तमान हालात व देश की विभिन्नताओं को एक सूत्र में पिरोने के लिए संविधान के प्रावधानों की पालना करने और संविधान के प्रति आस्था रखने की बात कही। विशिष्ट अतिथि श्रीमती राशि डोगरा एस.पी. ने संविधान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला और संविधान को उसकी भावना के अनुरूप आत्मसार करने की बात कही।
स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने पं. ज्वाहरलाल नेहरू का परिचय देते हुए संविधान के प्रस्तावना की पूर्ण रूप से व्याख्या की। संविधान के प्रति संसद का योगदान के बारे में बताया तथा यह कहा कि यदि संविधान अच्छा है, परन्तु लोग बुरे है तो संविधान सही रूप से कार्य नहीं करेगा और यदि संविधान बुरा है और उसे लागू करने वाले लोग सही है तो बुरा संविधान भी अच्छा संविधान बन जायेगा। सतपाल लिम्बा, अधिवक्ता ने मूल कर्तव्यों के बारे में बताते हुए हमारे आस-पास साफ-सफाई रखना भी हमारा कर्तव्य है, के बारे में बताया। शंकर सोनी, अधिवक्ता ने अभिव्यक्ति के अधिकार के बारे में बताया। महावीर स्वामी ने संविधान लागू होने से पूर्व के प्रशासन के बारे में बताते हुए वर्तमान में लागू संविधान के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में सुश्री आशा चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व बार संघ सचिव योगेश झोरड़ द्वारा उपस्थित अधिकारीगण एवं अधिवक्तागण को धन्यावाद ज्ञापित किया गया और अंत में सभी ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर किये। उसके पश्चात् माननीय डीजे साहब द्वारा उक्त कार्यक्रम में संविधान से संबंधित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजय प्रकाश सोनी ने संविधान दिवस की पूरी रूपरेखा बताते हुए की । उन्होने बताया कि 29 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अंगीकृत करने के 70वें वर्षगांठ के अवसर पर भारत सरकार ,सर्वोच्च न्यायालय, राजस्थान सरकार, राजस्थान उच्च न्यायालय और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संविधान दिवस को सभी के साथ जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करके मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संविधान दिवस के 70वीं वर्षगांठ होने के कारण दिनांक 26.11.2019 से 02.12.2019 तक विशेष सप्ताह का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, विधि के विद्यार्थी, एनजीओ, न्यायिक अधिकारी, लीगल लिटरेसी क्लब के इंचार्ज, विधिक सेवा क्लिनिक पर स्थित इंचार्ज, शिक्षक, ग्राम सचिव आदि विभिन्न माध्यमों के जरिये संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों का वाचन करके संविधान की मुख्य विशेषताओं को बताकर व्यापक व वृहद स्तर पर संविधान दिवस को मनाया जाना है। संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों और संविधान के बनने की रूपरेखा व भूमिका व इतिहास के बारे में विस्तृत रूप से बताया।
संविधान दिवस पर रैली का आयोजन- जिला स्तरीय कार्यक्रम के बाद न्यायालय परिसर में ही मदान इन्टरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रैली का आयोजन किया गया और नारे लगाये गए। इस अवसर पर संविधान की पालना करने की शपथ ली और हस्ताक्षर किये। रैली में शामिल विद्यार्थियों को न्यायालय की प्रक्रिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र व किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी गई।
न्यायाधीशों ने स्कूल में जाकर संविधान की प्रस्तावना और मूल कर्त्तव्यों के बारे में बताया- संविधान दिवस के अवसर पर विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने स्कूलों में जाकर संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों के बारे में बताया व संविधान की पालना की शपथ दिलाई। एडीजे नं. 2 सत्यपाल वर्मा ने सेठ हंसराज स्कूल में, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री आशा चौधरी ने नेशनल पब्लिक स्कूल, एमजेएम श्रीमती अनुभूमि मिश्रा ने संस्कार इंटरनेशनल स्कूल में जाकर, एएमजेएम सुश्री राधिका सिंह चारण ने अमृत मॉडल कॉन्वेट स्कूल में जाकर और ग्राम न्यायालय की न्यायाधिकारी सुश्री सुमन चौधरी ने लिटिल हार्ट पब्लिक स्कूल में जाकर संविधान की प्रस्तावना व मूल कर्तव्यों के बारे में बताया। इसके अलावा पैनल अधिवक्ता व पीएलवी ने भी स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थाओं, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत में जाकर संविधान के प्रति व्यक्तियों की आस्था बनाये रखने और संविधान दिवस पर प्रकाश डाला। छात्रावास में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री विजय प्रकाश सोनी ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के जरिये 2 लाख व्यक्ति तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

पर्यावरण बचाने के लिए दौड़

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल

हनुमानगढ़ / राजस्थान

रन फॉर वन में हजारों लोगों ने हिस्सा

भगत सिंह चौक से रिलायंस पेट्रोल पंप तक आयोजित हुई रन फॉर वन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पौधा लगाने व पौधा गोद लेने का दिया संदेश*

दौड़ के माध्यम से ‘‘राष्ट्रीय लोक अदालत’’ में राजीनामा योग्य प्रकरणों को निपटाये जाने का भी दिया संदेश

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश हनुमानगढ़ के मागदर्शन में रविवार को जिला मुख्यालय पर रन फॉर वन जागरूकता दौड का आयोजन किया गया। जो भगतसिंह सर्किल से आरम्भ होकर राजीव चौक होते हुए रिलायंस पेट्रोल पंप पर खत्म हुई। सुबह करीब साढ़े छह बजे जिला कलक्टर जाकिर हुसैन, पोक्सो न्यायाधीश मसरूर आलम खान और एसपी कालूराम ने दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ समाप्ति पर जिला कलेक्टर ज़ाकिर हुसैन ने पौधे को गोद लेकर उसका पालन पोषण करने व पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। प्रतिभागियों के लिए छाछ,बिस्किट, पानी आदि की समुचित व्यवस्था की गई। जिला कलक्टर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज पर्यावरण को बचाने की सख्त आवश्यता है जिस प्रकार से इस बार गर्मी पड़ी है तापमान 50 डिग्री को क्रोस कर गया। इससे हमें समझ लेना चाहिए कि धरती पर अधिक से अधिक पौधे लगाने की आवश्यकता है। एडीजे सतपाल वर्मा ने कहा कि एक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसका अगर संरक्षण करता है तो ये पर्यावरण के लिए बड़ा योगदान होगा। आखिर में एडीजे और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विजय प्रकाश सोनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आगामी मानसून में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की आमजन से अपील की।

*दौड़ में ये अधिकारी हुए शामिल*- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे विजय प्रकाश सोनी ने बताया कि दौड़ में जिला कलक्टर जाकिर हुसैन, पोक्सो न्यायाधीश मसरूर आलम खान, एसपी कालूराम, एडीजे सतपाल वर्मा,सीजेएम सुश्री आशा चौधरी, एसीजेएम रमेश कुमार, एएमजेएम सुश्री राधिका सिंह, ग्राम न्यायालय न्यायाधिकारी सुश्री सुमन चौधरी, सीईओ जिला परिषद परशुराम धानका, डीएसओ अरविंद जाखड़, पीआरओ सुरेश बिश्नोई,नगर परिषद कमीश्नर शैलेन्द्र गोदारा, डीईओ माध्यमिक राजेन्द्र सिंह यादव, एडीईओ रणवीर शर्मा, अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष गणेश गिल्होत्रा,एडीआर सेंटर के प्रदीप जसूजा, अनिल चौहान, लक्ष्मी नारायण, ओमप्रकाश देवड़ा आदि विभिन्न विभागों के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण, एनजीओ, जन समूह द्वारा प्रतिभागी के रूप में भाग लिया गया।इनके अतिरिक्त जिला शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्त विद्यालयों व कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा भी प्रतिभागियों के रूप में भाग लिया गया। इस दौड में 1500 से अधिक प्रतिभागियों द्वारा भाग लिया जाकर पर्यावरण संबंधी उद्देश्य पूरा करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। मंच संचालन एडवोकेट रमेश मोदी ने किया।

*दौड़ का उद्देश्य*- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव विजय प्रकाश सोनी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ‘‘रन फाॅर वन’’ जागरूकता दौड का उद्देश्य ‘‘पौधे लगाने, पौधो को गोद देने एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु कदम उठाने के लिए प्रेरित करना’’ एवं दिनांक 13 जुलाई को आयोजित होने वाली ‘‘राष्ट्रीय लोक अदालत’’ में अधिक से अधिक संख्या में राजीनामे के जरिए प्रकरणों का निपटारा किया जाना है।

*3दौड़ में हिस्सा लेने वालों को एक-एक पौधा और सर्टिफिकेट दिया गया* राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार दौड़ में भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को मौके पर वन विभाग हनुमानगढ़ के सहयोग से एक-एक पौधा दिया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा भेजे गए प्रमाण पत्र भी सभी प्रतिभागियों को दिए गए।

जिला कलक्टर ने घर पहुंचते ही सपत्निक लगाया पौधा – रन फॉर वन में जिला कलक्टर को एडीजे सतपाल वर्मा ने जामुन का पौधा भेंट किया। खास बात ये कि जिला कलक्टर ने घर पहुंचते ही अपनी धर्मपत्नी के साथ कलक्टर निवास परिसर में ही इस पौधे को लगाया। इस दौरान कलक्टर आवास का माली भी उनके साथ था।

धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने वालों पर हो कड़ी कार्यवाही

– विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –
-प्रदीप पाल / राजस्थान

1.हनुमानगढ़. हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने एवं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करने की मांग को लेकर शुक्रवार को विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद जिला कलक्टर को गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे उक्त हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बताया कि तीन दिन पहले दिल्ली के चांदनी चौक में एक विशेष समुदाय के लोगों ने भीड़ में आकर 100 वर्ष पुराने प्राचीन मन्दिर में घुसकर आराध्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को खण्डित कर दिया। मन्दिर को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके साथ मन्दिर के आसपास रहने वाले हिंदुओं के घरों में भी तोड़-फोड़ की। इस कारण दिल्ली में हिंदुओं में भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय की जहां ज्यादा आबादी है, वहां पर एक विशेष योजनाबद्ध तरीके से हिंदुओं व हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ऐसी घटनाएं आम मिलती हैं और दिल्ली की घटना इसका ताजा उदाहरण है। इस मामले को लेकर पूरे देश में रोष है। इस गंभीर विषय को लेकर विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को दिल्ली सहित पूरे देश में सुरक्षा उपलब्ध करवाने और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की ताकि देश में हिन्दू समाज खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।

बिगड़ रही कानून व्यवस्था को नहीं सभाला तो भाजयुमो करेगी तेज आंदोलन: देवेंद्र पारीक
भाजयुमो जयपुर सभांग प्रभारी के नेतृत्व में हनुमानगढ़ टाउन थाना प्रभारी को दिया ज्ञापन
-प्रदीप पाल-
2.हनुमानगढ़. भारतीय जनता युवा मोर्चा राजस्थान प्रदेश के जयपुर सभांग प्रभारी देवेन्द्र पारीक के नेतृत्व में हनुमानगढ़ टाउन थाना प्रभारी को कानून व्यवस्था के संबंध में ज्ञापन दिया गया। पारीक ने बताया आए दिन घरों में चोरियां हो रही है। चैन स्नेचिंग, मोबाइल फोन छीनना एवं लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं नशे का कारोबार भी बढ़ रहा है, जिसमें गोली, कैप्सूल, चिट्टा आदि मादक पदार्थों का नशा अत्यधिक बढ़ रहा है। छोटे छोटे बच्चे एवं नौजवान भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। चोरियां होने का यह भी एक बड़ा कारण है। परिवार के परिवार इस नशे की वजह से बर्बाद हो रहे हैं। समाज में भय का वातावरण व्यापक है। इस को लेकर थाना प्रभारी को ज्ञापन दिया गया है और शहर में गश्त बढ़ाकर एवं कानून व्यवस्था को चाकचौबंद कर इन सब चीजों पर अकुंश लगाया जाए एवं साथ ही ट्रैफिक एवं कानून व्यवस्था के नाम पर छोटे छोटे रेहड़ी व्यापारियों व छोटे दुकानदारों को ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर पुलिस प्रशासन द्वारा प्रताडि़त किया जाना न्यायसंगत नहीं है। इसलिए जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करें अन्यथा भारतीय जनता युवा मोर्चा आन्दोलनात्मक कार्यवाही करेगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। इस मौके पर पार्षद महादेव भार्गव, पार्षद रमेश पेंटर, पूर्व पार्षद रोहित छापोला, कुलवंत सिंह, राम कुक्कड़, सागर शर्मा मंडल अध्यक्ष हनुमानगढ़ जंक्शन, अनिल नागपाल, हनी नागपाल ,दीपेश अरोड़ा, गुरचरण सिंह ,काला सिंह, डॉ. उदयपाल, डॉ. रामचंद्र कड़वासरा, विकास शर्मा, अमन वर्मा ,बृजलाल, संदीप बेनीवाल आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।

जहरीले पानी से राज्य की 4 नहरें हो रही प्रदूषित, सिंचित क्षेत्र में बढ़ रहे कैंसर रोगी, इसे रोकना जरूरी: रामेश्वर वर्मा
केमिकलयुक्त गंदा पानी राजस्थान की नहरों में डालने पर रोक लगाने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
-प्रदीप पाल-
3.हनुमानगढ़. भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को पंजाब से केमिकलयुक्त गंदा पानी राजस्थान की नहरों में डालने पर रोक लगाने बाबत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पंजाब के शहरों के सीवरेज का दूषित पानी व उद्योगों का जहरीला केमिकल युक्त पानी पंजाब में ही हरीके बेराज पर सतलुज और ब्यास नदी के संगम से पहले अनेक स्थनों पर बड़े पैमाने पर और लम्बे समय से सतलुज नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। हरिके बेराज से नहरों से होकर यह पानी राजस्थान के 8 जिलों में पेयजल व सिंचाई पानी के रूप में प्रयोग किया जात है। सतलुज में दूषित व जहरीला केमिकल युक्त पानी डालने के लिए बकयादा बड़े-बड़े नाले बने हैं। जलन्धर के पास स्थित काला संगईया ड्रैन का झागदार, काला व जहरीला पानी करीब 40 किलोमीटर चलने के बाद मलसईया के पास चिट्टी बई में मिल जाता है मलसईया से पहले भी तीन बड़े नाले चिट्टी बई में मिलते हैं। ये चिट्टी बई हरीके बेराज से पहले गिदड़ पिंडी गांव के पास सतलुज में समा जाती है। इसी तरह जलन्धर के उद्योगों से जहरीले पदार्थों को बहाकर सतलुज में डालने वाला उधा नाला लुधियाना के पास वलीपुर कल्ला के पास सतलुज में मिलता है। इस तरह चिट्टी बई बुढा नाला द्वारा सतलुज नदी के पानी को दूषित किया जाता है। पंजाब में लगे ट्रीटमेन्ट प्लांट भी सीवरेज के गंदे पानी को ट्रीट करने में सक्षम नहीं है, जबकि सीवरेज में जहरीले अपशिष्टों को प्रवाहित किए जाने की वजह से ट्रीटमेंट प्लांट भी नाकारा हो चुके हैं। यह कि दूषित पानी नहरों के माध्यम से राजस्थान के 8 जिलों में पहुंचता है। इस जहरीले व प्रदूषित पानी की वजह से राजस्थान की 4 नहर परियोजना गंगनहर, भाखड़ा व इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के द्वारा सिंचित क्षेत्र में कैंसर के रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। नहरी क्षेत्र में दूसरी क्षेत्रों के मुकाबले 160 गुणा ज्यादा कैंसर फैल रहा है। रामेश्वर वर्मा ने बताया कि पूर्व में ये मामला उच्चतम न्यायलय व एनजीटी के में कई बार संज्ञान लिया जा चुका है लेकिन समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। इसलिए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जिला हनुमानगढ़ मांग करती है कि पंजाब से केमिकलयुक्त गंदा पानी राजस्थान की नहरों में डालने से रोक लगाए ताकि इस क्षेत्र में जनता को होने वाले रोगों पर अंकुश लग सके अन्यथा आन्दोलन उग्र करना होगा जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन व सरकार की होगी। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, बलदेव मक्कासर, बहादुर सिंह चैहान, मोहन लोहरा, पलविन्द्र सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

स्कूल बंद नहीं करने की गुहार लेकर कलक्टर के पास जाएंगे बच्चे
– कैनाल कॉलोनी विद्यालय में दूसरे दिन भी जारी रहा धरना, डीईओ से वार्ता बेनतीजा
-प्रदीप पाल-
4.हनुमानगढ़। कैनाल कॉलोनी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित करने के विरोध में विद्यार्थी व उनके अभिभावक शनिवार को जिला कलक्टर से उनके आवास पर मिलकर विद्यालय को बंद नहीं करने की गुहार लगाएंगे। यह निर्णय शुक्रवार को विद्यालय में धरनास्थल पर हुई बैठक में लिया गया। बेमियादी धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इससे पहले शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र सिंह यादव व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी रणवीर शर्मा वार्डवासियों से वार्ता करने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने धरना दे रहे लोगों के बीच बैठकर वार्ता की। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। धरनार्थियों ने डीईओ से कहा कि यह स्कूल बंद नहीं होना चाहिए। अगर स्कूल बंद हो गया तो बच्चे कहां जाएंगे। वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कैनाल कालॉनी में अध्ययनरत बच्चों को अन्यत्र नजदीक स्कूलों में प्रवेश दिलाना है लेकिन वार्ड 38, 39 व 10 में एक ही हिन्दी माध्यम राजकीय विद्यालय था। अन्य राजकीय विद्यालय 2.5 से 3 किमी की दूरी पर हैं और तीनों वार्डांे के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 105 बच्चे इस विद्यालय में अध्ययनरत हैं। नजदीक स्कूल नहीं होने की वजह से इन बच्चों को अन्यत्र प्रवेश संभव नहीं है। इन वार्डांे में एक तरफ रेलवे लाइन व बाकी तीनों तरफ मु य सड़कें हैं। उन्होंने इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए न्याय संगत व उचित कार्यवाही करते हुए इस विद्यालय को यथावत संचालित करने की मांग की। इस पर डीईओ यादव ने कहा कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। उनकी तरफ से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार से बात की जा रही है। वार्ता में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वार्डवासियों ने धरना जारी रखने व शनिवार को विद्यालय में अध्ययनरत 105 विद्यार्थियों को उनके अभिभावकों के साथ जिला कलक्टर जाकिर हुसैन के समक्ष पेश करने का निर्णय हुआ। वार्ता में माकपा के राज्य सचिव मण्डल सदस्य रामेश्वर वर्मा, माकपा जिला सचिव रघुवीर सिंह वर्मा, शिव कुमार, पार्षद पति जीतू सोनी, पार्षद परमजीत सोनी, विजय कौशिक, बीएस पेंटर, मोहनलाल लोहरा, कृपाराम सिंहमार, वेद मक्कासर, नारायण नायक, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद थे। गौरतलब है कि जंक्शन की कैनाल कॉलोनी, वार्ड न बर 38 में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में संचालित हो रहा था लेकिन राज्य सरकार के आदेशों की अनुपालना में इसमें महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित होना है। वार्डवासी सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं।

-प्रदीप पाल-
6.हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी कस्बे में शुक्रवार को कसवां आई टी आई में आगजनी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम में पीआर फायर सेफ्टी इंस्टीट्यूट हनुमानगढ़ जंक्शन के डायरेक्टर राजवीर व उनकी टीम ने छात्रों को आगजनी से निपटने के गुर सिखाए व प्राथमिक आग को बुझाने वह फैलने से रोकने के बारे में जानकारी दी
साथ ही साथ राजवीर ने छात्रों को एलपीजी सिलेंडर की सेफ्टी व सिलेंडर में आग लगने पर बरती जाने वाली सावधानी के बारे में भी बताया
कार्यक्रम में आईटीआई के डायरेक्टर मनेंद्र सिंह ने छात्रों को रोड सेफ्टी के बारे में अवेयर किया व सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए शपथ दिलवाई कार्यक्रम के अंत में आईटीआई की प्राचार्य परविंदर कौर ने फायर सेफ्टी टीम का आभार व्यक्त किया

जयपुर में विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे मीडियाकर्मी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – बी के आचार्या

जयपुर में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर के बाहर कई मीडियाकर्मी धरने पर बैठ गए हैं. दरअसल, सरकार ने विधानसभा में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने के साथ मंत्रियों को अपने कमरों में पत्रकारों से बातचीत न करने का फैसला किया है. इस फैसले का मीडियाकर्मी विरोध कर रहे हैं.

बता दें कि राजस्थान विधानसभा का सत्र आज से शुरू हुआ है. सदन के अंदर विपक्ष के हंगामे से ज्यादा सदन के बाहर पत्रकारों का हंगामा चल रहा है. इस बार विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधानसभा के कवरेज के लिए बनने वाले पासों में भी भारी कटौती कर दी है. वरिष्ठ पत्रकारों के पास और एक संस्थान से पांच-पांच पास बनने पर रोक लगाते हुए एक संस्थान से एक पास का नियम बना दिया है, जिसमें स्वतंत्र पत्रकार और ऑनलाइन पत्रकारों के लिए कोई जगह नहीं रखी गई है.

कैमरामैन और फोटोग्राफर भी विधानसभा के अंदर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा पत्रकारों को पत्रकार दीर्घा के अलावा कहीं और जाने नहीं दिया जाएगा. जो पास दिए जा रहे हैं उस पर साफ लिखा हुआ है कि पत्रकार पत्रकार दीर्घा के बाहर नहीं जाएंगे .

इससे पहले विधानसभा कवरेज के लिए पास बनाने के लिए कभी परेशानी नहीं होती थी और विधानसभा उदार भाव से पत्रकारों का पास बनाता था. पुराने और स्वतंत्र पत्रकार भी कवरेज के लिए जाते थे. ऐसे पत्रकार भी जाते थे जो छोटे सप्ताहिक और मंथली मैगजीन निकालते हैं. पत्रकारों को कैंटीन में जाकर खाना खाने और चाय पीने की भी छूट हुआ करती थी. इसके अलावा हां पक्ष और ना पक्ष लॉबी में जा सकते थे.

मंत्रियों के कमरे में भी जाने की छूट थी. मगर विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने इस सब पर रोक लगाते हुए पत्रकारों के पास पहले की तुलना में 80 फीसदी कम कर दी है. यही नहीं विधायकों के साथ आने वाले लोगों की संख्या भी सीमित कर दी गई है. अब एक विधायक और एक अधिकारी के साथ 2 से ज्यादा लोग विधानसभा के अंदर नहीं आ सकते हैं.

विधानसभा के इस नए नियम के खिलाफ पत्रकार विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. विधानसभा के बाहर भी पत्रकार अपना विरोध जता रहे हैं. इसके पहले बीजेपी शासन के दौरान भी विधानसभा के अंदर कैमरा ले जाने पर रोक लगा दी थी. ।

हत्या के मामले में सजा काट रहा बंदी फरार

– हनुमानगढ़ टाउन स्थित खुला बंदी शिविर से भागा बंदी
– श्रीगंगानगर की नई मंडी घड़साना का निवासी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ – राजस्थान

हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी टाउन स्थित खुला बंदी शिविर से फरार हो गया। इस संबंध में टाउन थाने में मंगलवार को मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने बंदी की तलाश शुरू कर दी है। उसकी तलाश में छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस के अनुसार प्रहरी सत्यपाल गुर्जर ने रिपोर्ट दी कि हनुमानगढ़ टाउन में फतेहगढ़ मोड़ के पास स्थित खुला बंदी शिविर में 14 बंदी सजा काट रहे हैं। उनको सोमवार दोपहर चिकित्सा जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। फिर वहां से जांच करवा कर वापस ले आए। शाम को करीब सात बजे जब बंदियों की गिनती की तो गुरबचन सिंह (55) पुत्र दिलीप सिंह निवासी नई मंडी घड़साना, श्रीगंगानगर गायब था। उसकी कई जगह तलाश की मगर वह नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन भी स्विचऑफ था। जब उसके साथी बंदियों से पूछा तो बताया कि वह दोपहर एक बजे के बाद उनको नहीं दिखा। इसके बाद टाउन पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पड़ताल की तथा मामला दर्ज किया। इसकी जांच एएसआई बलराम सिंह को सौंपी गई है।
पहले था जैतसर
खुला बंदी शिविर टाउन के प्रहरी सत्यपाल गुर्जर ने बताया कि बंदी गुरबचन सिंह पहले जैतसर स्थित खुला बंदी शिविर में सजा काट रहा था। उसे दो साल पहले जैतसर से हनुमानगढ़ टाउन स्थित खुला बंदी शिविर में शिफ्ट किया गया था।
पहले भी हो चुके हैं बंदी फरार
गौरतलब है कि टाउन के खुला बंदी शिविर से पहले भी बंदियों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब तीन साल पहले भादरा के जोगीवाला गांव का बंदी खुला बंदी शिविर से फरार हो गया था। हालांकि उसको अगले दिन ही पुलिस ने घर में सोते हुए गिरफ्तार कर लिया था।

पेटी की सील तोड़कर जमा करवाई चहेतों की निविदा

– शिकायत के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने की निविदा निरस्त
– जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर व सफाई ठेके का मामला

तेज एक्सप्रेस न्यूज़ – हनुमानगढ़
-प्रदीप पाल-

हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी टैंक की सफाई आदि के टैंडर मंगलवार को गड़बड़ी की शिकायत के चलते निरस्त कर दिए गए। यह निविदाएं मंगलवार को ही खोली जानी थी। मगर गड़बड़ी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा ने निविदा निरस्त कर दी। यद्यपि इसका कारण निविदा निरस्त आदेश में नहीं बताया गया।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में एक वर्ष के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई, सेफ्टी टैंक की सफाई, पलम्बर व इलेक्ट्रशियन संबंधी कार्य कराने को लेकर टैंडर जारी कर निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसके लिए कई फर्म ने आवेदन किए। मंगलवार को निविदाएं खोली जानी थी। मगर उससे पहले अरुण कुमार पुत्र जगदीशचंद्र ने लिखित में पीएमओ को शिकायत दी कि अस्पताल के कर्मचारियों ने अपने चहेतों को लाभ दिलाने के लिए तय अवधि बीतने के बाद पेटी की सील तोड़कर दो लिफाफे उसमें डाल दिए। विवाद बढ़ता देख जिला अस्पताल प्रशासन ने टैंडर ही निरस्त कर दिए। हालांकि शिकायतकर्ता ने पेटी की सील तोड़कर लिफाफा डालने वालों के खिलाफ जांच करवा कर कार्यवाही की मांग की है। इस संबंध में चिकित्सा निदेशालय को भी शिकायत भेजी गई है।

कितने का था काम
जिला अस्पताल में मंगलवार को जो निविदाएं खोली जानी थी वह 22 लाख रुपए से अधिक के कामकाज से संबंधित थी। जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रोनिक्स सामान का ठेका सात लाख रुपए, पलम्बर सामान ठेका पांच लाख, मेडिकल ऑक्सीजन व गैस रिफलिंग आठ लाख रुपए तथा सेफ्टी टैंक की सफाई ढाई लाख रुपए में ठेके पर दी जानी थी। यह अनुमानित लागत निविदा पत्र में दर्शाई गई थी। जिला अस्पताल में लाखों रुपए का सफाई का ठेका इससे अलग है। जाहिर है कि इतनी मोटी राशि का ठेका लेने के लिए कई प्रयासरत रहते हैं। इसके लिए सब राजनीतिक दबाव डलवाने से लेकर सारे हथकंडे अपनाते हैं।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमलों की निंदा, कार्रवाई की मांग

डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब (समिति) ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ / राजस्थान

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को लेकर डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब (समिति) ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। क्लब सदस्यों का कहना था कि देश में कुछ अरसे के दौरान पत्रकारों को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, लगता है व्यवस्था से जुड़े लोग सच का सामना करने का साहस खोते जा रहे हैं। यूपी में हुई कुछ घटनाओं से साफ पता चलता है कि सत्ता में बैठे लोग दुस्साहसी को हो गए हैं। वे अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए पत्रकारों पर आपराधिक मामले दर्ज करवा भयभीत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। अगर किसी पत्रकार की लेखनी से किसी को ठेस पहुंचती है तो वह नियमानुसार उसके खिलाफ मान हानि का मुकदमा कर सकता है। लेकिन यूपी सहित देश के अन्य हिस्सों में जिस तरह पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं, इससे साफ लगता है कि देश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने की निरंतर चेष्टा हो रही है। पत्रकार जगत इसे सहन नहीं करेगा। उन्होंने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप यूपी में पत्रकारों पर हुए हमलों और उनके खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेकर उन्हें दोषमुक्त करने, जिस प्रकार सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कानून है और जरा सी चूक होने पर संबंधित आरोपितों के खिलाफ राजकाज में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज होता है, उसी तरह पत्रकारों के लिए भी अलग से सुरक्षा कानून बना फिल्ड में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार ने लघु और मध्यम स्तर के समाचार पत्रों की विज्ञापन नीतियों में बदलाव किया है, इससे छोटे अखबारों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में नियमों में छूट देकर पत्रकारिता के मूल्यों का हनन रोकने की मांग भी क्लब सदस्यों ने की। इस मौके पर क्लब अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, गोपाल झा, अदरीश खान, राकेश सहारण, बलजीत सिंह, प्रदीप पाल, गुलाम नबी, मनोज पुरोहित, गुरमीत सिंह, पंकज मिश्रा, राजेश अग्रवाल , जसविन्द्र सिंह, दीपक शर्मा, हिमांशु मिड्ढा आदि मौजूद थे।

पृथ्वी दिवस पर ज़िले भर में लगाए जायेंगेे 3 हज़ार पौधे

सभी 251 ग्राम पंचायत, तहसील और जिला मुख्यालय पर लगाये जायेंगे पौधे

प्रत्येक ग्राम पंचायत पर 11, तहसील मुख्यालय पर 21 और जिला मुख्यालय पर 51 पौधे लगाए जाएंगे

एडीएम अशोक असीजा ने पृथ्वी दिवस की तैयारियों संबंधी ली बैठक

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ / राजस्थान

जिला पर्यावरण समिति की बैठक अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार असीजा की अध्यक्षता में जिला कलक्टर सभागार में हुई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि पर्यावरण को साफ रखने के लिए सभी अधिकारी व कर्मचारियांे को पॉलिथीन का प्रयोग नही करने साफ-सफाई के प्रति ध्यान रखने, ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने हेतु आम नागरिकांे को प्रेरित करने का कार्य करना होगा। उन्होने उपस्थित सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि सप्ताह में एक बार घर से कार्यालय तक साईकिल से आना शुरू करें तो पर्यावरण को शुद्ध रखने में सहयोग किया जा सकता है। उन्होने सुझाव दिया कि सोमवार 22 अपै्रल को अधिकारियों एवं कर्मचारियों की साईकिल रैली भी आयोजित की जाकर आम जनता को पर्यावरण के प्रति अच्छा संदेश दिया जा सकता है।
अतिरिक्त जिला कलक्टर ने बीकानेर प्रदुषण नियंत्राण कार्यालय से आए प्रतिनिधि को कहा कि हनुमानगढ जिले में जो औधोगिक क्षेत्रा ईकाइयां नॉमर्स के अनुसार प्रदुषण को रोकने के लिए संयंत्रा नहीं लगा रही है उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करें।
उपवन संरक्षक हेतराम ने पृथ्वी दिवस संबंधी विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि 22 अपै्रल 1970 से पृथ्वी दिवस मनाए जाने की परम्परा शुरू हुई थी। पृथ्वी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगो के प्रति पर्यावरण को बचाने, जिले को पॉलीथिन मुक्त करने का प्रयास है। उन्होने कहा कि पृथ्वी दिवस के उपलक्ष में जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम ग्यारह पौधे व पंचायत समिति में ईक्कीस, जिला स्तर पर ईक्यावन पौघे आवश्यक रूप से लगाये जायेगे। वन विभाग की ओर से 22 अपै्रल तक पौधे लगाने के लिये निःशुल्क उपलब्ध करवाये जायेगे। सभी कार्यालयों के अधिकारी क्षेत्रिय वन अधिकारी के नाम निःशुल्क पौधे प्राप्त करने हेतु पौधो की संख्या अंकित करते हुये विशेष वाहक को पत्रा के साथ भेजकर पौधे प्राप्त कर सकते है। उन्होने बताया कि पृथ्वी दिवस के दिन प्रभात भेरी, पौधारोपण, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं, पोस्टर प्रतियोगिता, विचार गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक असीजा के अलावा, उपखण्ड अधिकारी कपिल यादव, उपवन संरक्षक हेतराम, ऐसीएफ राजीवकुमार गुप्ता, आरएफओ बलवीरसिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अरूण कुमार चमडि़या, अधीक्षण अभियन्ता पीडब्लयूडी गुरनाम सिंह, आयुक्त नगर परिषद हनुमानगढ, सीओ स्काउट भारत भुषण, जीएम, डीआईसी, विश्वनाथ सैनी, सहित अन्य मौजूद थे।

भद्रकाली मेले में अव्यवस्थाओं को लेकर कलक्टर व पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ / राजस्थान

श्री अन्नपूर्णा अध्यात्मिक सेवा समिति की ओर से हनुमानगढ़ के भद्रकाली मेला स्थल पर अव्यवस्थओं के सुधार के लिए जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा। श्री अन्नपूर्णा अध्यात्मिक सेवा समिति हनुमानगढ़ के अध्यक्ष डीपी शर्मा व सचिव प्रदीपपाल ने जिला कलक्टर महोदय को भद्रकाली माता के मेले में ड्रोन द्वारा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करवाए जाने की व्यवस्था पर उनका आभार व्यक्त किया।

श्री अन्नपूर्णा अध्यात्मिक सेवा समिति हनुमानगढ़ के सचिव प्रदीपपाल ने बताया कि जिले में भद्रकाली मेला 6 अप्रेल से शुरू होने वाला है, जिसमें हर साल की तरह हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि मेले में अनेक अव्यवस्थाएं हैं, जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं एवं बच्चों को जूझना पड़ेगा। मेले में असामाजिक तत्वों व जेबकतरे भी अव्यवस्थाएं फैलाने की कोशिश की जाती है। महिलाओं व बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार एवं छेड़खानी की जाती है। ऐसे लोगों पर भी सख्ती से कार्रवाई करने की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि मेले में लगने वाली स्टॉलों पर भी अनेक प्रकार के मिलावटी खाद्य पदार्थों का विक्रय किया जाता है। गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है, ऐसे में मेला स्थलों पर पीने के साफ पानी की व्यवस्था भी नहीं होती। मेला स्थल पर शराब, जुआ सट्टे पर नियंत्रण रखा जाए। इसके अलावा श्रद्धालुओं के बढ़ने से ट्रेफिक व्यवस्था भी हर बार चरमरा जाती है। पार्किंग व्यवस्था बनाने के लिए मनमर्जी से पार्किंग चार्जिज वसूला जाता है, इसका भी निर्धारण कर बोर्ड पर दरों का अंकण करवाया जाए ताकि पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि मेले में मूलभूत सुविधाओं व्यवस्था करवाई जाए ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें। ज्ञापन देने वालों में समिति अध्यक्ष डीपी शर्मा, बलदेव दास, पं. गिरीराज शर्मा, महेन्द्र शर्मा, संयोजक दयाराम वर्मा, नरेन्द्र वर्मा, अलंकार सिंह, प्रदीप कड़वा, चन्द्रकैलाश स्वामी, शिवांशु, त्रिलोकेश्वर, बलविन्द्र दास आदि शामिल थे।