कोरोना से लड़ने के लिए ब्रिटेन ने बनाई 5 सूत्री रणनीति, इन दो टेस्ट पर है जोर

चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को अपनी जद में ले लिया है. इस जानलेवा वायरस से संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या भी अब तेजी से बढ़ती जा रही है. यही वजह है कि ब्रिटेन में 3 अप्रैल को डाउनिंग स्ट्रीट की प्रेस ब्रीफिंग में स्वास्थ्य और समाज मंत्री मैट हैनकॉक ने अप्रैल के अंत तक एक लाख टेस्ट हर दिन की क्षमता हासिल करने का वादा किया है.
पहचान खुलने से किसी परेशानी में न पड़ जाएं इसलिए ब्रिटेन की एक नर्स लिज्जी (नाम बदला हुआ) ने बात करने से पहले नाम नहीं खोलने की शर्त रखी. लिज्जी ने इंडिया टुडे को बताया कि वो बिना पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPEs) के काम कर रही हैं. इसकी जगह प्लास्टिक के एप्रन, ग्लव्स के जोड़े के साथ काम करना पड़ता है जिन्हें किसी भी मरीज को छूने के बाद बदलना पड़ता है. कोविड- 19 मरीज हो तो सर्जिकल मास्क भी बदलना पड़ता है. इस सब का नतीजा ये है कि लिज्जी बीते एक हफ्ते से नर्सिंग क्वार्टर्स में सेल्फ आइसोलेशन में हैं.

लिज्जी कहती हैं, “प्रोटोकाल के हिसाब से सिर्फ उन्हीं लोगों को इजाजत दी जाती है जो अपनी कार से आते हैं और टेस्ट कराते हैं. नहीं तो औरों में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है. मेरे पास कार नहीं है, इसलिए मेरा टेस्ट नहीं हो पाया. मेरी तरह ही छह और नर्स दोस्त हैं जो बिना टेस्टिंग के ही सेल्फ आइसोलेशन में हैं.

लिज्जी अकेली हैं और लंदन में उनका परिवार नहीं हैं. वो कहती हैं, “ये मुश्किल वक्त है, मुझे जरूरी सामान खरीदने खुद ही जाना पड़ता है. मैं डरती हूं क्योंकि मेरा टेस्ट नहीं हुआ है, इसलिए किसी और को वायरस का संक्रमण ना हो जाए.”

लिज्जी को फ्रंटलाइन में रह कर काम करने से कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन वो चाहती हैं कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को WHO की गाइडलाइन के मुताबिक समुचित PPE मिलें और उनका टेस्ट हो.
3 अप्रैल को डाउनिंग स्ट्रीट की प्रेस ब्रीफिंग में स्वास्थ्य और समाज मंत्री मैट हैनकॉक ने अप्रैल के अंत तक एक लाख टेस्ट हर दिन की क्षमता हासिल करने का वादा किया. उनके मुताबिक नब्बे हजार टेस्ट प्रति दिन के लक्ष्य को 26 दिन में ही हासिल कर लिया जाएगा. बता दें कि इस वक्त हैनकॉक खुद भी सेल्फ आइसोलेशन में हैं.

एक लाख टेस्ट प्रति दिन के लक्ष्य में कोविड- 19 से लड़ाई में इन दोनों तरह के टेस्ट को कवर किया जाएगा.

1. एंटीजेन टेस्टिंग: इससे पता चलता है कि किसी को संक्रमण है या नहीं. इस टेस्ट का नतीजा 24 घंटे में मिलता है. ब्रिटेन नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS). फ्रंटलाइऩ स्टाफ को प्राथमिकता देना चाहता है. जिससे कि जो स्टाफ सेल्फ आइसोलेशन में है वो काम पर लौट सके और NHS की क्षमता बाधित न हो.

2. एंटीबॉडी टेस्ट: इसमें उंगली से प्रिक कर लिए गए खून के टेस्ट से पता चलता है कि क्या आपमें वायरस रहा है और अब आप ने प्रतिरोधी क्षमता हासिल कर ली है? इस टेस्ट को लोगों के लिए टारगेट किया गया है. अगर ये सटीकता के टेस्ट को पास कर लेता है तो ऐसे 1.75 करोड़ टेस्ट किट के लिए ऑर्डर दिया जाएगा.

कोरोना महामारी का अंधकार मिटाने के लिए आज दीप जलाएगा देश, पीएम मोदी ने की थी अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वीडियो संदेश में कहा था कि कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की जरूरत है. इसके लिए प्रधानमंत्री ने लोगों से रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक दीया जलाने की अपील की.
देश में कोरोना वायरस का संकट बढ़ता जा रहा है. संकट के इस वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एकजुटता का संदेश देने के लिए 5 अप्रैल को लाइटें बंद रखने का आह्वान किया. ऐसे में देश की जनता भी आज रात दीया, मोमबत्ती और मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर एकजुटता दिखाने को तैयार है.

कोरोना संकट के चलते देश में 21 दिनों तक लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को वीडियो संदेश दिया था. प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की जरूरत है. इसके लिए प्रधानमंत्री ने लोगों से रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट तक दीया जलाने की अपील की, इसका मकसद एकजुटता का संदेश देने से है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की थी कि 5 अप्रैल रविवार को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए लोग अपने घरों की लाइटें बंद करें और दरवाजे-खिड़की पर खड़े होकर दीया, मोमबत्ती जलाएं या फिर मोबाइल की फ्लैश लाइट-टॉर्च से रोशनी करें. इस शक्ति के जरिए हम ये संदेश देना चाहते हैं कि देशवासी एकजुट हैं. पीएम ने कहा कि एकजुटता के दमपर ही इस महामारी को मात दी जा सकती है.

यात्रियों से भरी बस गिरी खाई में, 31 की मौत

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़/अशोक केशरी

जम्मू ।जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बड़ा सड़क हादसा हुआ है. यहां के केशवन इलाके में यात्रियों से भरी एक मिनीबस अनियंत्रित होकर सोमवार को गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में 31 लोगों की मौत होने की खबर है जबकि करीब 13 लोग घायल बताए जा रहे हैं. दुर्घटना में मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है. मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. हादसा सुबह करीब 8 बजकर 40 मिनट पर हुआ.

हादसे में घायल यात्रियों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां उनका इलाज चल रहा है. दुर्घटना स्थल पर बचाव कार्य में स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की मदद की और कई यात्रियों को हादसे का शिकार हुई मिनीबस में फंसे लोगों को बाहर निकाला. मौके पर राहत-बचाव काम जारी है. हालांकि अभी दुर्घटना में मारे गए लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई है.

रिपोर्टों में कहा गया है कि मिनी बस संख्या JK17- 6787 केशवन से किश्तवाड़ की ओर जा रही थी. तभी यह बस श्रीगिरी के पास सड़क से फिसल गई और एक गहरी खाई में गिर गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि बस ओवर लोड थी।
अधिकारियों के अनुसार, मिनीबस के खाई में गिरने की दुर्घटना सोमवार सुबर करीब 8 बजकर 40 मिनट पर हुई. यह मिनीबस केशवन से किश्तवाड़ की ओर जा रही थी. तभी यह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. राहत-बचाव ऑपरेशन जारी है. पुलिस ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यात्रियों का बचाव सुनिश्चित करना है।

अमरनाथ यात्रा पर आतंक के हैं 6 खतरे, फूलप्रूफ सुरक्षा के लिए ये हैं इंतजाम

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

एक जुलाई से जम्मू कश्मीर में शूरू हो रही अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) पर आतंकी ख़तरा लगातार बना हुआ है. सुरक्षा एजेंसीज़ की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी ग्रुप अमरनाथ यात्रा पर हमले की साजिश रच सकते हैं. ऐसे में यात्रा की फूलप्रूफ सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू की जा चुकी है. ZEE NEWS को मिली जानकारी के मुताबिक ख़ुफ़िया एजेंसीज़ ने अमरनाथ यात्रा पर आतंकी 6 तरीके से हमले का ख़तरा बताया है.

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगी जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना और सभी अर्धसैनिक बलों से कहा गया है कि वह हर ख़तरे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहें.
जानकारी के मुताबिक यात्रा में इस्तेमाल यात्रियों और सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर RFID टैग के साथ पहली बार हर श्रद्धालुओं को खास तरीके का बार कोड दिया जायेगा, जिससे उनके लोकेशन के बारे में सही जानकारी मिल सके. यही नहीं, पहली बार यात्रियों के लिए जिन कैंप में ठहरने के इंतज़ाम किये गए हैं. उसमे भी बार कोड रीडर लगाये जा रहे हैं, जिससे कैंप में वही यात्री आ सके जिसको बार कोड दिया गया है. ।

कश्मीर में आसान नहीं एक साथ लोकसभा-विधानसभा चुनाव, EC के फैसले के पीछे पुख्ता वजह

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान हो गया है. इसी के साथ सवाल भी उठने लगे हैं. सबसे ज्यादा सवाल जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव ना कराने पर पूछे जा रहे है. घाटी में मुख्यधारा के सभी सियासी दलों ने चुनाव आयोग से पूछा है कि जब लोकसभा चुनाव कराने का माहौल है, तो विधानसभा के लिए क्यों नहीं? लेकिन जानकारों की मानें तो आज के माहौल में विधानसभा चुनाव कराना मुश्किल होता.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि सभी दल चाहते हैं कि राज्य में एकसाथ (लोकसभा और विधानसभा) चुनाव हों. लोकसभा चुनाव के लिए माहौल सही है तो फिर राज्य के चुनाव के लिए क्यों नहीं? स्थानीय चुनाव यहां शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुए, घाटी में पर्याप्त सुरक्षाबल तैनात है, फिर भी राज्य के चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे? वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि लोगों को सरकार का चुनाव नहीं करने देना लोकतंत्र के विचार के खिलाफ है. इसके अलावा एक एजेंडे के तहत लोगों को अलग-थलग करने के लिए समय लेने की रणनीति पर काम किया जा रहा है जो उनके (केंद्र सरकार) परोक्ष उद्देश्यों के अनुरूप है.

चुनाव आयोग ने सुरक्षा का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव नहीं कराने का फैसला लिया है. इससे पहले चुनाव आयोग की एक टीम जम्मू-कश्मीर में हालात का जायजा लेने गई थी. वरिष्ठ पत्रकार और जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर करीब से नजर रखने वाले राहुल जलाली का कहना है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद जो कार्रवाई हो रही है, इससे एक सिलसिला शुरू हुआ है. इसे रोक कर विधानसभा चुनाव कराने में दिक्कत आ सकती है. लोकसभा के मुकाबले विधनसभा चुनाव में ज्यादा उम्मीदवार होंगे ऐसे में आज के माहौल में सभी को सुरक्षा देने में मुश्किल हो सकती थी. बता दें कि जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 6 सीट और विधानसभा की 87 सीटे हैं.

जेएनयू के प्रोफेसर अमिताभ मट्टू का मानना है कि सुरक्षा कारणों से राज्य की 87 सीटों पर विधानसभा चुनाव में मुश्किल आ सकती है. लिहाजा चुनाव आयोग एक बार में एक कदम उठाना चाहता है. मसलन पहले लोकसभा चुनाव कराकर देख लें, अगर स्थिति ठीक रही तो आगे विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे. प्रो. अमिताभ मट्टू का कहना है कि राज्य में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार होती तो अच्छा होता. लेकिन अगर मतदान का प्रतिशत बहुत कम होता जिसकी उम्मीद ज्यादा है तो विधानसभा चुनाव एक मजाक बनकर रह जाता.

जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा की पार्टियां विधानसभा चुनाव ना कराने के फैसले को लोकतंत्र की हार के तौर पर पेश कर रही है. ऐसे में वरिष्ठ पत्रकार राहुल जलाली का कहना है कि ये वही दल हैं जिन्होंने पंचायत चुनाव का बहिष्कार किया था, तब इन्हें लोकतंत्र की याद क्यों नहीं आई. दशकों से सत्ता में रहने वाले ये दल अब तक 73वां और 74वां संशोधन भी लागू नहीं करवा पाए. जिसके तहत पंचायतों और निकायों को ताकत मिलती. जबकि चुनाव आयोग ने रविवार को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि राज्य में पंचायत चुनाव होने के बावजूद चुने हुए प्रतिनिधि सुरक्षा कारणों से सरकारी बंगलों में रहने को मजबूर हैं.

हाल के दिनों में घाटी में अलगाववादी ताकतों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है. ये वही ताकते हैं जो जनता को लोकतांत्रिक प्रकिया में शामिल न होने के लिए प्रेरित करती थीं. राहुल जलाली का मानना है कि अलगाववादियों पर कार्रवाई का असर जल्द नहीं दिखेगा क्योंकि इनकी प्रशासन, स्कूल और अन्य संस्थाओं में पैठ है. लिहाजा इसका असर दिखने में 5 से 6 महीने लग सकते हैं. लेकिन सरकार और सियासी दलों को अलगाववादियों के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार करना होगा.

राहुल जलाली का मानना है कि चुनाव आयोग को विधानसभा चुनाव के लिए कुछ इशारा जरूर देना चाहिए था. अगर चुनाव आयोग एक संभावित समय सीमा बता देता तो शायद यह विवाद नहीं होता जो आज हो रहा है. ।

J&K: त्राल में आतंकियों ने किया ग्रेनेड हमला, सेना के कैंप को बनाया निशाना

[ad_1]

जम्मू कश्मीर के त्राल में आतंकियों ने सेना के कैंप को निशाना बनाया है। इस हमले में आतंकियों ने ग्रेनेड का प्रयोग किया है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ छह हमले किए थे जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित दो लोग घायल थे।

[ad_2]

Source link

जम्मू-कश्मीर: गणतंत्र दिवस पर सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, श्रीनगर में मार गिराए दो आतंकी

[ad_1]

गणतंत्र दिवस के दिन सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। आज तड़के सेना ने पुलवामा में दो आतंकियों को मार गिराया।

[ad_2]

Source link

पाकिस्तानी घुसपैठिया पार कर रहा था सीमा, फायरिंग में घायल होने पर सेना ने पहुंचाया अस्पताल

[ad_1]

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा शनिवार को भारतीय सीमा जबरन पार करने की वजह से एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गोली मार दी गई। जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया।

[ad_2]

Source link

गणतंत्र दिवस: राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पाक पर जमकर छोड़े शब्द बाण, कही ये बड़ी बात

[ad_1]

गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू यूनिवर्सिटी के स्पोर्टस ग्राउंड में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान पर जमकर वार किया।

[ad_2]

Source link

18 हजार फीट की ऊंचाई, -30 डिग्री में तिरंगा झंडा लिए जोश से लबरेज नजर आए आईटीबीपी के सिपाही

[ad_1]

18 हजार फीट की ऊंचाई, माइनस 30 डिग्री तापमान हाथों में तिरंगा झंडा औरा होठों पर भारत माता की जय का उद्घोष ये गणतंत्र दिवस के मौके पर लद्दाख में आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल) के सैनिकों द्वारा किए गए शौर्य का प्रदशर्न है।

[ad_2]

Source link