समूचे हिंदुस्तान में हिंदी उर्दू शायरी से समाज को एक सूत्र में बांधने वाले जनाब मुनीर बक्स आलम अब हमारे बीच नहीं रहे

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – असफाक कुरैशी

बीजपुर सोनभद्र

धरती से समूचे हिंदुस्तान में हिंदी उर्दू शायरी के माध्यम से समाज को जागरूक करने एवं एक सूत्र में बांधने वाले जनाब मुनीर बक्स आलम अब हमारे बीच नहीं रहे। उक्त क्षति केवल उनके परिवार एवं सोनभद्र का ही नहीं अपितु यह अपूरणीय क्षति पूरे हिंदुस्तान एवं साहित्य जगत में हुआ है । व्यक्तिगत तौर पर कुछ अरसे से जुड़े होने के नाते उनके शायरी और व्यवहारों से साहित्य से जुड़े एवं समाज सेवा से जुड़े हम सभी लोगों को आंतरिक आघात पहुंचा है। अपनी ओर से तथा एनटीपीसी रिहंड की साहित्यिक संस्था रिहंड साहित्य मंच की ओर से श्रद्धांजली अर्पित करते हुए ईश्वर से कामना करते हैं कि उनके शोक संतप्त परिवार को, साहित्यकारों को एवं सोनभद्र वासियों को इस दुख की घड़ी में सहन शक्ति दे और जनाब मुनीर बक्स आलम की आत्मा को शांति प्रदान करें । यह अपूरणीय क्षति हम सबके लिए असहनीय है एवं साहित्य जगत के लिए बुरी खबर है।