सेटिंग वाले दुकानों से ड्रेस व स्वेटर खरीदने को कर रहे मजबूर प्राइवेट स्कूल संचालक

तेज एक्सप्रेस न्यूज – इब्राहिम / चंदन

अभिभावकों के ऊपर पड़ रहा अतरिक्त बोझ ,150 का स्वेटर बिक रहा साढ़े चार सौ तक।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से उक्त स्कूलों पर लगाम कसे जाने की मांग।

दुद्धी / सोनभद्र

योगी सरकार के प्राइवेट स्कूलों पर लगाम कसने के सभी कवायद फ़्लाप साबित हो रहे है।पूर्व के ही सरकारों की भांति इस सरकार में भी क़स्बे के स्कूल संचालक बेलगाम हो गए है मनमाना फीस बढ़ोतरी के साथ ही साथ स्कूल ड्रेस ,स्वेटर व पठन पाठन सामग्री में भी ऊँची कमीशनबाजी का खेल अब परमपरा बनते दिख रहा है।बच्चे के भविष्य को बेहतर सवारने का सपना देख रहे अभिभावक ना चाहते हुए भी मजबूरन शोषण के शिकार हो रहे है।क़स्बा संचालित ज्यादातर स्कूल के स्कूल ड्रेस और स्वेटर खरीदने के लिए स्कूल संचालकों द्वारा मोनोपॉली बनाकर नियत दुकान निर्धारित कर दी गयी है।इन स्कूलों के ड्रेस और स्वेटर अन्य दुकानों पर नही मिल रहे है।नतीजन सेटिंग के दुकानदार स्कूल ड्रेस और स्वेटर और ब्लेजर को ऊँची दामों ( ऊनी कपड़ों को तीन गुना दाम )पर बेच रहे है और इसका एक हिस्सा स्कूल संचालकों के भी दे रहे है। ऐसे दबंग स्कूल संचालकों के क्रियाकलापों से आमजन में रोष व्यापत है।संजय ,बबलू ,राफ़े खान ,दशरथ घसिया आदि का कहना है कि जो स्वेटर वे बच्चों के लिए खुले बाजार से 2 सौ का खरीद सकते है उसे मजबूरन सिर्फ स्कूल के मोनोग्राम छपा होने से सेटिंग वाले दुकानों पर चार सौ से पांच सौ तक खरीदना पड़ रहा है।ऐसा शोषण पिछले दशक भर से दुद्धी के जनता के साथ किया जा रहा है।ऐसे में जब खुले बाजार का दुकानदार जब उस स्वेटर को बेचना चाहे या बेचने लगता है तो सेटिंग वाले दुकानदार स्कूल संचालकों से मिल कर ड्रेस का कलर ही बदलवा देते है।कार्य मे लगे दुकानदारों ने बताया कि जो स्वेटर चार सौ से पांच सौ में बेचा जा रहा है वह स्वेटर होलसेल में 145 से 165 रुपये प्रति पीस की खरीद पर आती है।सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से ऐसे शोषणकर्ता का पर्याय बने स्कूलों का पंजीकरण निरस्त करने की मांग किया है ,साथ ही ऐसे दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग किया है जो बेलगाम हो चुके है।