जिला चिकित्साधिकारी सोनभद्र के पक्षपात पूर्ण रवैये के कारण दुद्धि तहसील के नगरीय क्षेत्र में फल फूल रहे अवैध अस्पतालों के जाल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – इब्राहिम खान / विष्णु गुप्ता

दुद्धि / सोनभद्र

जिला चिकित्साधिकारी कारवाही न करके दे रहे है गैरजिम्मेदाराना बयान

सोनभद्र जिला चिकित्साधिकारी के पक्षपात पूर्ण रवैये के कारण दुद्धि तहसील में अवैध अस्पतालों का जाल बिछा हुआ है गौरतलब हो कि नगर में आये दिन इन अस्पतालों में भ्रूण हत्या इलाज के दौरान मरीजो की मौत के कई मामले सामने आए लेकिन जिला चिकित्सा अधिकारी के संरक्षण में चल रहे इन अस्पताल संचालको पर कोई कानूनी कार्यवाही नही की गई बल्कि ज्यादा शोर मचाने पर पुराने अस्पताल के लाइसेंस को निरस्त कर उसी परिसर में उसी मालिक को नए लाइसेंस जारी कर दिए गए ।जो जिला चिकित्सा अधिकारी के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे है लेकिन उनकी कर्तब्य विमूढ़ता देखिए तो समाजिक कुरीति करने वालो को क्लीन चिट दिया जा रहा है ।

जिनके यहाँ बड़े बड़े डॉक्टरों का बोर्ड लगा है लेकिन कोई डॉक्टर मौके पर नही मिलते ऐसा कई जांच में स्पस्ट हो चुका है लेकिन जिला चिकित्सा अधिकारी कान में तेल डालकर मस्त है और अस्पताल संचालक आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमा कराने में सहयोग प्रदान कर रहे है।

अब इसी का दूसरा पहलू आप देखिए दुद्धि जैसे आदिवासी वनवासी क्षेत्र में कई दशक के बाद एक महिला चिकित्सक की तैनाती हुई लेकिन कुछ फर्जी पत्रकार और इन अवैध अस्पताल संचालको के तथाकथित दलाल जो पत्रकारिता की आड़ में इन फर्जी अस्पताल संचालकों का पोषण करते है इस महिला चिकित्सक को तमाम तरह के फर्जी आरोप लगाकर दुद्धि अस्पताल से भगाने की फिराक में है जब कि क्षेत्र की महिलाएं जो यहां अपना इलाज कराई है उनका कहना है जब से ये महिला चिकित्सक इस अस्पताल में आई है हम सबका इलाज बखूबी हो रहा है और प्राइवेट अस्पताल में जो ज्यादा पैसा देकर हम अपना इलाज करा रहे थे इनके आने से बिना पैसे के बढ़िया इलाज हो रहा है।

चुकी सरकार की मंशा है कि गरीब का निशुल्क इलाज हो आम आदमी को सरकारी सुविधाएं मीले और मिल भी रहा है लेकिन कुछ तथाकथित पत्रकार दलाल और इन अवैध अस्पताल संचालको को संरक्षण दे रहे रहे है जिससे इनकी काली कमाई पर ग्रहण लग रहा है ।

गौरतलब हो कि दुद्धि तहसील इलाके का एक पत्रकार अरे भाई पत्रकार न कहिए भ्रूण हत्या करने वाले अस्पताल संचालक का दलाल कहिए जिसका सुबह तो अपने घर होता है लेकिन रात इस अस्पताल संचालक के घर होता है और तो और कहा तो यहाँ तक जाता है कि रात भी वही गुजरती है लेकिन बेहयाई और शर्म भी अपनी किस्मत को रो रहा होगा कि मुझसे बढ़कर ये पत्रकार ही निकल गया बेहयाई और शरमाई में औरों के क्या कहना ।।।।।