इंदौर के जिस इलाके में डॉक्टरों पर हुआ था हमला, वहां निकले कोरोना के 10 संक्रमित

इंदौर का यह वही इलाका है जहां 1 अप्रैल को स्क्रीनिंग करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव हुआ था जिसके बाद देश भर में घटना की निंदा हुई थी. बाद में डॉक्टरों पर हमला करने वालों पर कलेक्टर ने रासुका लगाकर जेल भेज दिया था.
मध्य प्रदेश के इंदौर में जिस टाटपट्टी बाखल इलाके में कोरोना संदिग्ध को देखने गए डॉक्टरों की टीम पर पत्थरबाजी हुई थी, उसी इलाके से कोरोना के 10 पॉजिटिव मरीज निकले हैं. यह वही इलाका है जहां 1 अप्रैल को स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर लोगों ने पथराव किया था.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात जारी किए गए मेडिकल बुलेटिन के अनुसार 3 और 4 अप्रैल को भेजे गए सैंपल में से 16 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं. 16 में से 10 लोग इसी टाटपट्टी बाखल इलाके के हैं जहां पर पत्थरबाजी हुई थी. इनमें 5 पुरुष और 5 महिलाएं हैं. इनकी उम्र 29 साल से 60 साल तक है.

डॉक्टरों की टीम पर हुआ था हमला

इंदौर का यह वही इलाका है जहां 1 अप्रैल को स्क्रीनिंग करने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पथराव हुआ था जिसके बाद देश भर में घटना की निंदा हुई थी. बाद में डॉक्टरों पर हमला करने वालों पर कलेक्टर ने रासुका लगाकर जेल भेज दिया था.
इस बीच, गृह मंत्रालय ने डॉक्टरों और उनकी टीम की सुरक्षा को लेकर राज्यों को खत लिखा है. गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों को पत्र लिखकर कहा है कि जो लोग स्वास्थ्य सेवाओं में काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें. पत्र में स्वास्थ्य और सीमावर्ती श्रमिकों पर हमले के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के बारे में भी लिखा है. ये जानकारी गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने दी.
सिर्फ इंदौर ही नहीं, बीते दिनों देश के कई शहरों से इस तरह के मामले सामने आए थे. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि जो लोग संकट की घड़ी में भगवान के रूप में हमारे लिए काम कर रहे हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार करना बिल्कुल गलत है. यूपी से लेकर बिहार तक और अन्य राज्यों में भी डॉक्टरों की टीम पर हमले की खबर है. तेलंगाना में भी एक मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर हमला बोल दिया था जिसके बाद वहां की सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था.