यात्रियों से भरी बस गिरी खाई में, 31 की मौत

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़/अशोक केशरी

जम्मू ।जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बड़ा सड़क हादसा हुआ है. यहां के केशवन इलाके में यात्रियों से भरी एक मिनीबस अनियंत्रित होकर सोमवार को गहरी खाई में गिर गई. इस हादसे में 31 लोगों की मौत होने की खबर है जबकि करीब 13 लोग घायल बताए जा रहे हैं. दुर्घटना में मरने वालों की संख्या और भी बढ़ सकती है. मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. हादसा सुबह करीब 8 बजकर 40 मिनट पर हुआ.

हादसे में घायल यात्रियों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है. जहां उनका इलाज चल रहा है. दुर्घटना स्थल पर बचाव कार्य में स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की मदद की और कई यात्रियों को हादसे का शिकार हुई मिनीबस में फंसे लोगों को बाहर निकाला. मौके पर राहत-बचाव काम जारी है. हालांकि अभी दुर्घटना में मारे गए लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाई है.

रिपोर्टों में कहा गया है कि मिनी बस संख्या JK17- 6787 केशवन से किश्तवाड़ की ओर जा रही थी. तभी यह बस श्रीगिरी के पास सड़क से फिसल गई और एक गहरी खाई में गिर गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि बस ओवर लोड थी।
अधिकारियों के अनुसार, मिनीबस के खाई में गिरने की दुर्घटना सोमवार सुबर करीब 8 बजकर 40 मिनट पर हुई. यह मिनीबस केशवन से किश्तवाड़ की ओर जा रही थी. तभी यह अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी. राहत-बचाव ऑपरेशन जारी है. पुलिस ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता यात्रियों का बचाव सुनिश्चित करना है।

गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर मध्यप्रदेश में बनेगा सख्त कानून, होगी जेल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर लगाम लगाने ने लिए मध्यप्रदेश सरकार सख्त कानून बनाएगी. इस कानून में गोरक्षा के नाम पर हिंसा एवं भीड़ द्वारा हत्या करने वाले स्वयंभू गोरक्षकों को जेल की सजा का प्रावधान किया जाएगा.

मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम-2004 में संशोधन करने की मंजूरी दी गई है. मध्यप्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने इसकी पुष्टि की है. सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार 8 जुलाई से होने वाले आगामी विधानसभा सत्र में इस अधिनियम के संशोधन बिल को अमलीजामा पहनाने के लिए पेश करेगी.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस संशोधन के विधानसभा में पारित होकर कानून बनने के बाद यदि कोई शख्स अकेला गोरक्षा के नाम पर हिंसा करेगा तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल की सजा और 25,000 रूपये से 50,000 रूपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि गाय के नाम पर भीड़ द्वारा हिंसा या हत्या की जाती है, तो उनकी सजा को बढ़ाकर न्यूनतम एक साल और अधिकतम पांच साल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि अपराधी दोबारा अपराध करता है तो उसकी सजा दोगुनी कर दी जाएगी.

अधिकारी ने बताया कि संशोधन में उन लोगों को एक से तीन साल की सजा देने का प्रावधान किया जाएगा जो हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का कार्य करेंगे. संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले गोरक्षकों को भी इसके तहत सजा दी जाएगी. ।

जयपुर में विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे मीडियाकर्मी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – बी के आचार्या

जयपुर में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर के बाहर कई मीडियाकर्मी धरने पर बैठ गए हैं. दरअसल, सरकार ने विधानसभा में पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने के साथ मंत्रियों को अपने कमरों में पत्रकारों से बातचीत न करने का फैसला किया है. इस फैसले का मीडियाकर्मी विरोध कर रहे हैं.

बता दें कि राजस्थान विधानसभा का सत्र आज से शुरू हुआ है. सदन के अंदर विपक्ष के हंगामे से ज्यादा सदन के बाहर पत्रकारों का हंगामा चल रहा है. इस बार विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधानसभा के कवरेज के लिए बनने वाले पासों में भी भारी कटौती कर दी है. वरिष्ठ पत्रकारों के पास और एक संस्थान से पांच-पांच पास बनने पर रोक लगाते हुए एक संस्थान से एक पास का नियम बना दिया है, जिसमें स्वतंत्र पत्रकार और ऑनलाइन पत्रकारों के लिए कोई जगह नहीं रखी गई है.

कैमरामैन और फोटोग्राफर भी विधानसभा के अंदर नहीं जा सकते हैं. इसके अलावा पत्रकारों को पत्रकार दीर्घा के अलावा कहीं और जाने नहीं दिया जाएगा. जो पास दिए जा रहे हैं उस पर साफ लिखा हुआ है कि पत्रकार पत्रकार दीर्घा के बाहर नहीं जाएंगे .

इससे पहले विधानसभा कवरेज के लिए पास बनाने के लिए कभी परेशानी नहीं होती थी और विधानसभा उदार भाव से पत्रकारों का पास बनाता था. पुराने और स्वतंत्र पत्रकार भी कवरेज के लिए जाते थे. ऐसे पत्रकार भी जाते थे जो छोटे सप्ताहिक और मंथली मैगजीन निकालते हैं. पत्रकारों को कैंटीन में जाकर खाना खाने और चाय पीने की भी छूट हुआ करती थी. इसके अलावा हां पक्ष और ना पक्ष लॉबी में जा सकते थे.

मंत्रियों के कमरे में भी जाने की छूट थी. मगर विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने इस सब पर रोक लगाते हुए पत्रकारों के पास पहले की तुलना में 80 फीसदी कम कर दी है. यही नहीं विधायकों के साथ आने वाले लोगों की संख्या भी सीमित कर दी गई है. अब एक विधायक और एक अधिकारी के साथ 2 से ज्यादा लोग विधानसभा के अंदर नहीं आ सकते हैं.

विधानसभा के इस नए नियम के खिलाफ पत्रकार विधानसभा अध्यक्ष के कमरे के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. विधानसभा के बाहर भी पत्रकार अपना विरोध जता रहे हैं. इसके पहले बीजेपी शासन के दौरान भी विधानसभा के अंदर कैमरा ले जाने पर रोक लगा दी थी. ।

मॉब लिंचिंग पर कमलनाथ सरकार बनाने जा रही है कड़ा कानून, अब होगी 5 साल की जेल

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार कड़ा कानून बनाने जा रही है. इस कानून के तहत खुद को गोरक्षक बताकर हिंसा करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार ये संशोधित विधेयक विधान सभा के मानसून सत्र में पेश कर पारित कराना चाहती है. अगर विधेयक पारित होता है तो मध्य प्रदेश में इस तरह के मामलों के लिए अलग से कानून बन जाएगा.

अभी क्या है कानून

मध्य प्रदेश में अभी जो कानून लागू है, उसके तहत गोवंश की हत्या, गोमांस रखने और उसके परिवहन पर पूरी तरह रोक है. इसमें गोवंश के नाम पर हिंसा या मॉब लिंचिंग का जिक्र नहीं है.

हत्या के मामले में सजा काट रहा बंदी फरार

– हनुमानगढ़ टाउन स्थित खुला बंदी शिविर से भागा बंदी
– श्रीगंगानगर की नई मंडी घड़साना का निवासी

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ – राजस्थान

हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी टाउन स्थित खुला बंदी शिविर से फरार हो गया। इस संबंध में टाउन थाने में मंगलवार को मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने बंदी की तलाश शुरू कर दी है। उसकी तलाश में छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। मगर वह हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस के अनुसार प्रहरी सत्यपाल गुर्जर ने रिपोर्ट दी कि हनुमानगढ़ टाउन में फतेहगढ़ मोड़ के पास स्थित खुला बंदी शिविर में 14 बंदी सजा काट रहे हैं। उनको सोमवार दोपहर चिकित्सा जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। फिर वहां से जांच करवा कर वापस ले आए। शाम को करीब सात बजे जब बंदियों की गिनती की तो गुरबचन सिंह (55) पुत्र दिलीप सिंह निवासी नई मंडी घड़साना, श्रीगंगानगर गायब था। उसकी कई जगह तलाश की मगर वह नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन भी स्विचऑफ था। जब उसके साथी बंदियों से पूछा तो बताया कि वह दोपहर एक बजे के बाद उनको नहीं दिखा। इसके बाद टाउन पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पड़ताल की तथा मामला दर्ज किया। इसकी जांच एएसआई बलराम सिंह को सौंपी गई है।
पहले था जैतसर
खुला बंदी शिविर टाउन के प्रहरी सत्यपाल गुर्जर ने बताया कि बंदी गुरबचन सिंह पहले जैतसर स्थित खुला बंदी शिविर में सजा काट रहा था। उसे दो साल पहले जैतसर से हनुमानगढ़ टाउन स्थित खुला बंदी शिविर में शिफ्ट किया गया था।
पहले भी हो चुके हैं बंदी फरार
गौरतलब है कि टाउन के खुला बंदी शिविर से पहले भी बंदियों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। करीब तीन साल पहले भादरा के जोगीवाला गांव का बंदी खुला बंदी शिविर से फरार हो गया था। हालांकि उसको अगले दिन ही पुलिस ने घर में सोते हुए गिरफ्तार कर लिया था।

पेटी की सील तोड़कर जमा करवाई चहेतों की निविदा

– शिकायत के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने की निविदा निरस्त
– जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर व सफाई ठेके का मामला

तेज एक्सप्रेस न्यूज़ – हनुमानगढ़
-प्रदीप पाल-

हनुमानगढ़. जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी टैंक की सफाई आदि के टैंडर मंगलवार को गड़बड़ी की शिकायत के चलते निरस्त कर दिए गए। यह निविदाएं मंगलवार को ही खोली जानी थी। मगर गड़बड़ी की शिकायत के बाद जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी शर्मा ने निविदा निरस्त कर दी। यद्यपि इसका कारण निविदा निरस्त आदेश में नहीं बताया गया।
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में एक वर्ष के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई, सेफ्टी टैंक की सफाई, पलम्बर व इलेक्ट्रशियन संबंधी कार्य कराने को लेकर टैंडर जारी कर निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इसके लिए कई फर्म ने आवेदन किए। मंगलवार को निविदाएं खोली जानी थी। मगर उससे पहले अरुण कुमार पुत्र जगदीशचंद्र ने लिखित में पीएमओ को शिकायत दी कि अस्पताल के कर्मचारियों ने अपने चहेतों को लाभ दिलाने के लिए तय अवधि बीतने के बाद पेटी की सील तोड़कर दो लिफाफे उसमें डाल दिए। विवाद बढ़ता देख जिला अस्पताल प्रशासन ने टैंडर ही निरस्त कर दिए। हालांकि शिकायतकर्ता ने पेटी की सील तोड़कर लिफाफा डालने वालों के खिलाफ जांच करवा कर कार्यवाही की मांग की है। इस संबंध में चिकित्सा निदेशालय को भी शिकायत भेजी गई है।

कितने का था काम
जिला अस्पताल में मंगलवार को जो निविदाएं खोली जानी थी वह 22 लाख रुपए से अधिक के कामकाज से संबंधित थी। जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रोनिक्स सामान का ठेका सात लाख रुपए, पलम्बर सामान ठेका पांच लाख, मेडिकल ऑक्सीजन व गैस रिफलिंग आठ लाख रुपए तथा सेफ्टी टैंक की सफाई ढाई लाख रुपए में ठेके पर दी जानी थी। यह अनुमानित लागत निविदा पत्र में दर्शाई गई थी। जिला अस्पताल में लाखों रुपए का सफाई का ठेका इससे अलग है। जाहिर है कि इतनी मोटी राशि का ठेका लेने के लिए कई प्रयासरत रहते हैं। इसके लिए सब राजनीतिक दबाव डलवाने से लेकर सारे हथकंडे अपनाते हैं।

सरकारी अस्पताल में CM कमलनाथ ने कराई सर्जरी, जनता से की ये अपील

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के दाहिने हाथ की उंगली की आज सर्जरी हुई. सर्जरी भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने किया. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को अस्पताल जाकर अपना चेकअप करवाया था. उनके दाएं हाथ की उंगली में कुछ परेशानी थी जिसकी सर्जरी की गई है. इस अस्पताल में ऑपरेशन के लिए डॉक्टर दिल्ली से आए थे.

सर्जरी से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जनता से अपील की थी कि वे सामान्य मरीज की तरह ही अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं. इसलिए कोई भी उनसे अस्पताल मिलने न आए, ताकि अस्पताल में इलाज करा रहे दूसरे मरीजों को कोई असुविधा न हो.

सीएम कमलनाथ ने हमीदिया अस्पताल की तारीफ करते हुए कहा कि हमीदिया बहुत अच्छा अस्पताल है. मैं देश के किसी भी अस्पताल में जा सकता था, लेकिन मैंने सरकारी हमीदिया अस्पताल को प्राथमिकता दी.

जहां एक तरफ प्रदेश में हावी वीआईपी कल्चर के प्रभाव में विधायक और मंत्री इलाज के लिए विदेश का रुख करते हैं, वहीं करोड़ों की संपत्ति और और प्रदेश के मुखिया होने के बाद भी सीएम कमलनाथ एक सरकारी अस्पताल में अपना इलाज कराने पहुंचे. मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास 124 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति है.

इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के डीन अरुणा कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ हमीदिया अस्पताल में एडमिट कराए गए थे. उनकी उंगलियों में कुछ परेशानी थी. उनका ऑपरेशन हो गया और अब उनकी हालत स्थिर है. शनिवार सुबह ही उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया था. कुछ घंटों के लिए डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखा है. कुछ घंटों के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. ।

पंचायत का तुगलकी फरमान, प्रेमी जोड़े की सरेआम पिटा

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ –

विष्णु गुप्ता / बी के आचार्या

बिहार के बगहा में वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के थारू आदिवासी बाहुल्य संतपुर सोहरिया में प्रेमी जोड़े की सरेआम पिटाई का मामला उजागर हुआ है. सरेआम रस्सी से बांधकर पूरे गांव में प्रेमी युगल को घुमाया गया और भीड़ तमाशबीन बनी रही. मौके पर मौजूद लोग वीडियो बनाने और तस्वीरें बनाने में लगे रहे. हैरत की बात है कि रात से सुबह तक खाप पंचायत का तुगलकी फरमान जारी कर सजा दिया गया और वाल्मीकिनगर थाना को इसकी भनक तक नहीं लगी.

यह कोई पहली घटना नहीं है. इसके पूर्व में भी कई बार इस इलाक़े में कानून की धज्जियां उड़ाते खाप पंचायत ने अपने फरमान जारी किए हैं. आरोपियों पर कार्रवाई भी हुई है. एकबार फिर प्यार करने वालों को पंचायत ने खुलेआम तुगलकी सजा दी है.

भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेकर पहले इन प्रेमी जोड़ों को पेड़ में बांधा और जमकर पिटाई की. फिर रस्सी में एक साथ बांधकर पूरे इलाके में घुमाया. घटना वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के संतपुर सोहरिया गांव की है. प्रेमी युगल की रस्सी से बांधकर पिटाई और गांव में घुमाने का विडियो वायरल हो रहा है.

जानकारी के मुताबिक, नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक युवक को एक युवती से प्रेम हो गया. फ़िर दोनों ने शादी करने की बात परिजनों के सामने रखी. प्रेमी युगल की फरियाद को इनकार कर युवती के परिजनों ने उसकी शादी दूसरी जगह करा दी. इस बीच युवक बीती रात अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा. दोनों को साथ देखकर परिजन भड़क गए. पूरा गांव विरोध में सामने आया और दोनों की जमकर पिटाई कर दी. रस्सी से बांधकर पूरे गांव में घुमाया. वहीं, वाल्मीकिनगर पुलिस ने ऐसी किसी घटना की सूचना मिलने की बात से इनकार कर दिया. ।

अमरनाथ यात्रा पर आतंक के हैं 6 खतरे, फूलप्रूफ सुरक्षा के लिए ये हैं इंतजाम

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – विष्णु गुप्ता

एक जुलाई से जम्मू कश्मीर में शूरू हो रही अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra 2019) पर आतंकी ख़तरा लगातार बना हुआ है. सुरक्षा एजेंसीज़ की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी ग्रुप अमरनाथ यात्रा पर हमले की साजिश रच सकते हैं. ऐसे में यात्रा की फूलप्रूफ सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू की जा चुकी है. ZEE NEWS को मिली जानकारी के मुताबिक ख़ुफ़िया एजेंसीज़ ने अमरनाथ यात्रा पर आतंकी 6 तरीके से हमले का ख़तरा बताया है.

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में लगी जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना और सभी अर्धसैनिक बलों से कहा गया है कि वह हर ख़तरे को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहें.
जानकारी के मुताबिक यात्रा में इस्तेमाल यात्रियों और सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर RFID टैग के साथ पहली बार हर श्रद्धालुओं को खास तरीके का बार कोड दिया जायेगा, जिससे उनके लोकेशन के बारे में सही जानकारी मिल सके. यही नहीं, पहली बार यात्रियों के लिए जिन कैंप में ठहरने के इंतज़ाम किये गए हैं. उसमे भी बार कोड रीडर लगाये जा रहे हैं, जिससे कैंप में वही यात्री आ सके जिसको बार कोड दिया गया है. ।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे हमलों की निंदा, कार्रवाई की मांग

डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब (समिति) ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

तेज़ एक्सप्रेस न्यूज़ – प्रदीप पाल
हनुमानगढ़ / राजस्थान

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को लेकर डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब (समिति) ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। क्लब सदस्यों का कहना था कि देश में कुछ अरसे के दौरान पत्रकारों को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, लगता है व्यवस्था से जुड़े लोग सच का सामना करने का साहस खोते जा रहे हैं। यूपी में हुई कुछ घटनाओं से साफ पता चलता है कि सत्ता में बैठे लोग दुस्साहसी को हो गए हैं। वे अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए पत्रकारों पर आपराधिक मामले दर्ज करवा भयभीत करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। अगर किसी पत्रकार की लेखनी से किसी को ठेस पहुंचती है तो वह नियमानुसार उसके खिलाफ मान हानि का मुकदमा कर सकता है। लेकिन यूपी सहित देश के अन्य हिस्सों में जिस तरह पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं, इससे साफ लगता है कि देश अराजकता की तरफ बढ़ रहा है। लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने की निरंतर चेष्टा हो रही है। पत्रकार जगत इसे सहन नहीं करेगा। उन्होंने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप यूपी में पत्रकारों पर हुए हमलों और उनके खिलाफ आपराधिक मामलों को वापस लेकर उन्हें दोषमुक्त करने, जिस प्रकार सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षा कानून है और जरा सी चूक होने पर संबंधित आरोपितों के खिलाफ राजकाज में बाधा पहुंचाने का मुकदमा दर्ज होता है, उसी तरह पत्रकारों के लिए भी अलग से सुरक्षा कानून बना फिल्ड में काम कर रहे पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार ने लघु और मध्यम स्तर के समाचार पत्रों की विज्ञापन नीतियों में बदलाव किया है, इससे छोटे अखबारों को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में नियमों में छूट देकर पत्रकारिता के मूल्यों का हनन रोकने की मांग भी क्लब सदस्यों ने की। इस मौके पर क्लब अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, गोपाल झा, अदरीश खान, राकेश सहारण, बलजीत सिंह, प्रदीप पाल, गुलाम नबी, मनोज पुरोहित, गुरमीत सिंह, पंकज मिश्रा, राजेश अग्रवाल , जसविन्द्र सिंह, दीपक शर्मा, हिमांशु मिड्ढा आदि मौजूद थे।